TASTE OF DINDORI | चार दशक से डिंडौरी जिले में मिठास बिखेर रहा शाहपुर का लोधी परिवार

  • हीरामणि, अंजीर धमाका, काजू रोल जैसी 50 से अधिक वैरायटी खुद करते हैं तैयार



डीडीएन रिपोर्टर | डिंडौरी

डिंडौरी के सुबखार में मदर टेरेसा स्कूल के सामने स्थित रितु स्वीट्स की मिठाई आप किसी भी सूरत में स्किप नहीं करना चाहेंगे। चाहे हीरामणि हो या अंजीर धमाका, काजू कतली हो या मोतीचूर के लड्डू... आप खुद को खाने से नहीं रोक पाएंगे। वजह है मिठाइयों की शुद्धता और हाइजीनिक वातावरण। प्रतिष्ठान का संचालन शाहपुर का लोधी परिवार करता है। 55 वर्षीय खेमकरण सिंह लोधी प्रोप्राइटर हैं। वह 50 से अधिक तरह की मिठाईयां घर पर ही बनाते हैं। ज़्यादातर मिठाईयां दूध से बनाई जाती हैं। बंगाली मिठाई हीरामणि यहां की खास मिठाई है। यह मूलतः बंगाली मिठाई है, जिसका स्वाद आपको मिठाइयों का दीवाना बना देगा। इसके अलावा रबड़ी, अंजीर कतली, गोंद ड्रायफ्रूट्स, काजू कतली, काजू रोल आदि भी लाजवाब हैं। मिठाइयों की कीमत 200 से 1400 रुपए/किलो तक है। इकोनॉमिकल रेंज में मोतीचूर लड्डू, बालूशाही, मगज, बेसन बर्फी का स्वाद भी कुछ कम नहीं है। प्रोपराइटर खेमकरण सिंह के बड़े बेटे आकाश इंजीनियरिंग ग्रेजुएट हैं और काम में योगदान देते हैं। वहीं, छोटे बेटे सागर भी पोस्ट ग्रेजुएट हैं और प्रतिष्ठान चलाते हैं। खेमकरण ने बताया कि उनका परिवार 40 साल से मिठाईयां बना रहा है। क़्वालिटी के मामले में वह सजगता से ध्यान देते हैं। वह वर्ष 2000 में शाहपुर से डिंडौरी आए और नया सफर शुरू किया। अनूपपुर जिले के चिचाई में भी इनका प्रतिष्ठान है। मदर टेरेसा स्कूल के सामने स्थित रितु स्वीट्स की मिठाईयां कलेक्टोरेट सहित शासकीय चन्द्रविजय कॉलेज, केंद्रीय विद्यालय, मेकलसुता कॉलेज, जिला कोर्ट आदि में भी सप्लाई होती हैं।
Comments
Popular posts
Appointment | डिंडौरी डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल में हेल्थ ऑफिसर डॉ. देवेंद्र सिंह मरकाम को राज्य शासन ने बनाया MPPSC का सदस्य
Image
CoViD UPDATE | डिंडौरी जिले में करीब सात महीने बाद कोरोना की वापसी, सोमवार को मिले 07 संक्रमित; मेहंदवानी 03 + डिंडौरी 01 + शहपुरा 01 + विक्रमपुर 01 + समनापुर 01
Image
DDN UPDATE | बजाग ब्लॉक के गाड़ासरई कस्बे में मारुति ईको कार से अज्ञात बदमाशों ने उड़ाए ₹3 लाख 2 हजार नकद, पीड़ित ने पुलिस से की शिकायत
Image
PRIDE OF DINDORI | 57 असम रेजिमेंट में जॉइन होकर डिंडौरी पहुंचे जिले के पहले लेफ्टिनेंट दिव्यांश जैन, नगरवासियों ने कॉलेज तिराहे से खनूजा कॉलोनी तक निकाली भव्य स्वागत रैली
Image
सहस्त्रधारा... यहां राजा सहस्त्रार्जुन ने अपने एक हजार हाथों से की थी मां नर्मदा के प्रवाह को रोकने की कोशिश
Image