COURT NEWS | नाबालिग का अपहरण और दुष्कर्म के 31 वर्षीय आरोपी बुधसेन धुर्वे को डिंडौरी कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

  • सब-इंस्पेक्टर स्वाति शर्मा ने की मामले की निष्पक्ष विवेचना, सरकार की ओर से जिला लोक अभियोजन अधिकारी राजकुमार मंडराहा ने की कुशल पैरवी



डीडीएन रिपोर्टर | डिंडौरी

डिंडौरी कोर्ट के विशेष न्यायाधीश ने बुधवार को पॉक्सो एक्ट के प्रकरण की सुनवाई करते हुए नाबालिग लड़की का अपहरण और दुष्कर्म के 31 वर्षीय आरोपी को आजीवन कारावास का दंड दिया है। सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि ग्राम मोहगांव निवासी बुधसेन उर्फ बुद्धू सिंह पिता संतोष धुर्वे पर अपराध क्रमांक 568/2020 और सत्र प्रकरण क्रमांक 43/2020 दर्ज है। आरोपी पर सिटी कोतवाली पुलिस ने सनसनीखेज मामले में IPC की धारा 363, 366, 342, 376(कख), वैकल्पिक धारा 5(ड)/6 पॉक्‍सो एक्ट, धारा 377, वैकल्पिक धारा 5(ड)/6 पॉक्सो  एक्ट, 506 भाग-2 का मामला कायम किया था। आरोपी ने 21 जुलाई 2020 की शाम करीब 06:00 बजे ग्राम छांटा से एक नाबालिग लड़की का अपहरण कर जबरदस्ती मोहगांव लाकर दुष्कर्म किया। उसने लड़की को धमकी भी दी कि अगर इसकी जानकारी किसी को दी तो जान से मार दूंगा। इस संबंध में पुलिस ने अपराध पंजीबद्ध कर कोर्ट में चालान पेश किया था। आज प्रकरण की सुनवाई में पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश ने बुधसेन को धारा 5(ड)/6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम-2012 में आजीवन कारावास व ₹1000 अर्थदंड, धारा 366 में 10 वर्ष का कठोर कारावास व ₹500 अर्थदंड,  धारा 342 में 06 माह का कठोर कारावास व ₹100 अर्थदंड और धारा 506 भाग-2 में 01 वर्ष का कठोर कारावास व ₹200 अर्थदंड की सजा दी। डिंडौरी पुलिस बल की होनहार सब-इंस्पेक्टर स्वाति शर्मा ने मामले की निष्पक्ष विवेचना कर आरोपी को सजा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, सरकार की ओर से जिला लोक अभियोजन अधिकारी राजकुमार मंडराहा ने कुशल पैरवी की।



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